
क्या आप अपनी कंपनी या बिज़नेस के employees की सैलरी Tally में मैनेज करना चाहते हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि Tally में payroll कैसे बनाएं? घबराइए मत! आज हम आपको स्टेप by स्टेप बताएंगे कि Tally में payroll सेटअप करके सैलरी प्रोसेसिंग कैसे की जाती है।
Payroll मैनेजमेंट किसी भी बिज़नेस का एक ज़रूरी हिस्सा होता है। अगर आप manually सैलरी कैलकुलेट करते हैं, तो इसमें गलतियां होने का चांस ज़्यादा रहता है और समय भी बहुत लगता है। Tally में payroll फीचर का इस्तेमाल करके आप employees की सैलरी, PF, ESI, TDS जैसी चीज़ें आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
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Payroll setup समझने से पहले, यह जानना ज़रूरी है कि payroll असल में होता क्या है। Payroll का मतलब है employees की सैलरी से जुड़ा सारा प्रोसेस, जैसे:
अब जानते हैं कि Tally में यह सब कैसे सेटअप किया जाता है।
Tally में Payroll बनाना आसान है। यहां जानें Payroll फीचर ऑन करने से लेकर सैलरी, अटेंडेंस और Salary Slip बनाने तक का पूरा तरीका।
सबसे पहला काम है Tally में payroll फीचर को ऑन करना, क्योंकि यह by default बंद रहता है।
एक बार यह ऑन हो जाए, तो आपको Gateway of Tally में Payroll से जुड़े नए ऑप्शंस दिखने लगेंगे।
Payroll सेटअप करने से पहले employees को अलग-अलग ग्रुप्स में बांटना अच्छा रहता है, जैसे Management, Sales, Accounts वगैरह। इससे रिपोर्ट्स समझने में आसानी होती है।
अगर आपकी कंपनी छोटी है, तो आप सीधे एक ही group में सारे employees रख सकते हैं।
अब बारी आती है असली employees को Tally में add करने की।
हर employee के लिए यह process अलग-अलग करना होगा, या आप एक साथ multiple entries भी कर सकते हैं।
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यह सबसे जरूरी स्टेप है, क्योंकि यहीं पर तय होता है कि सैलरी में कौन-कौन से components होंगे, जैसे Basic Salary, HRA, DA, PF, आदि। इन्हें Tally में Pay Heads कहा जाता है।
आमतौर पर एक बेसिक सैलरी structure में ये components शामिल होते हैं: Basic Salary, HRA, Conveyance Allowance, Medical Allowance, PF Deduction, और Professional Tax।
अब आपको हर employee के लिए यह set करना होगा कि उसकी सैलरी में कौन-कौन से pay heads अप्लाई होंगे और कितना अमाउंट होगा।
यह प्रोसेस हर employee के लिए अलग से करना होगा, क्योंकि हर किसी की सैलरी अलग हो सकती है।
सैलरी सही तरीके से calculate हो, इसके लिए अटेंडेंस का डाटा डालना ज़रूरी है, especially अगर सैलरी दिनों के हिसाब से calculate होती है।
अगर आपकी कंपनी में फिक्स्ड मासिक सैलरी है और रोज़ाना अटेंडेंस track नहीं करना, तो यह स्टेप आप स्किप भी कर सकते हैं।
अब असली सैलरी प्रोसेसिंग का समय आता है, जहां हर महीने की सैलरी calculate होती है।
यह स्टेप हर महीने रिपीट करना होता है, ताकि हर महीने की सैलरी सही से रिकॉर्ड हो सके।
एक बार payroll process हो जाए, तो आप employees के लिए salary slips और अलग-अलग reports भी निकाल सकते हैं।
Salary slip को PDF में एक्सपोर्ट करके सीधे employees को ईमेल भी किया जा सकता है।
अगर आपकी कंपनी में PF और ESI लागू होता है, तो इसे भी Tally में properly configure करना ज़रूरी है, ताकि statutory compliance बनी रहे।
इससे आपको हर महीने compliance reports भी आसानी से मिल जाएंगी, जो government filing के काम आती हैं।
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Payroll सेटअप करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
निष्कर्ष
Tally में payroll बनाना शुरू में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन एक बार सही तरीके से सेटअप हो जाए, तो हर महीने सैलरी प्रोसेसिंग बहुत आसान हो जाती है। सबसे पहले payroll feature enable करें, फिर employees और pay heads बनाएं, salary details set करें, और उसके बाद हर महीने payroll voucher से सैलरी process करते रहें।
सही सेटअप के साथ आप न सिर्फ समय बचा सकते हैं, बल्कि सैलरी calculation में गलतियों को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।
Tally में अपनी कंपनी खोलें और F11 (Features) में जाकर Payroll से संबंधित विकल्प को Enable करें। सेटिंग सेव करने के बाद Payroll के विकल्प उपलब्ध हो जाएंगे।
Gateway of Tally से Payroll Info में जाकर Employees विकल्प चुनें। इसके बाद Create पर क्लिक करके Employee का नाम, Group, Date of Joining और अन्य जरूरी जानकारी भरकर सेव करें।
Payroll Info में जाकर Salary Details विकल्प चुनें। Employee को Select करके उसके लिए Basic Salary, HRA, PF और अन्य Pay Heads के Amount या Percentage सेट करें।
हां, Tally में Payroll और Statutory सेटिंग्स के जरिए PF, ESI और अन्य लागू Salary Deductions को कॉन्फ़िगर और मैनेज किया जा सकता है।
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